अध्याय 2: कंप्यूटर सिस्टम (Computer System) | Full Notes

एक कंप्यूटर सिस्टम अपने आसपास के वातावरण (Environment) से बातचीत करने के लिए कंप्यूटर पेरीफेरल्स (peripherals) या इनपुट / आउटपुट डिवाइस (Input/Output Device) का उपयोग करता है। कंप्यूटर पेरीफेरल्स (Peripherals) को मोटे तौर पर तीन श्रेणियों इनपुट डिवाइस (Input Device), आउटपुट डिवाइस (Output Device) और इनपुट / आउटपुट डिवाइस (Input/Output Device) में विभाजित किया जा सकता है।

Input Only: Keyboard, Optical pen, Joystick, Scanner, Bar code reader.
Both (Input & Output): Digital camera, Pendrive, Touch screen, CD/DVD, Webcam, Fax, Modem.
Output Only: Head phones, Head set, Screen, Laser printer, Plotter, Inkjet printer, Speakers.

2.1 कंप्यूटर शुरू करना (Starting a Computer)

डेस्कटॉप (Desktop)/ लैपटॉप (Laptop) को "ON" बटन दबाकर शुरू किया जा सकता है। आम तौर पर डेस्कटॉप / लैपटॉप में अगले हिस्से पर एक पॉवर (ON/OFF) बटन होता है। अपने कंप्यूटर को शुरू करने के लिए इन चरणों (Steps) का पालन करें:

चरण 1: कंप्यूटर पर 'ON/ऑन' बटन ढूंढें, यह नीचे चित्र में दिखाए अनुसार दिख सकता है (यह वर्ग (Square) या आयताकार (Rectangular) भी हो सकता है):

बाएँ चित्र: This is a typical PC on button, on the front, in the middle of the tower.
दाएँ चित्र: This is a typical laptop on button. Most laptops have the on button just above the keyboard but below the screen.

चरण 2: बटन को दबाएँ (Push करें)।

कुछ कंप्यूटरों पर, कंप्यूटर की ON/ऑन स्थिति में बटन रोशन (Lights up) होता है। लैपटॉप पर, सामने वाले हिस्से पर अक्सर एक light होती है। अगर डेस्कटॉप मॉनिटर (Monitor) से जुड़ा होता है, तो सुनिश्चित करें कि मॉनिटर चालू (ON) है। अधिकांश कंप्यूटर मॉनीटर्स पर स्क्रीन के निचले कोने पर एक 'ON/OFF' बटन होता है। मॉनिटर चालू होने पर बटन अक्सर हरे रंग (Green Colour) की रोशनी से रोशन होता है।

चरण 3: अब आपको कंप्यूटर पर "लॉग-इन (Login)" करना होगा।

  • यदि आप अपने कंप्यूटर के एकमात्र उपयोगकर्ता/यूजर (User) हैं, तो इसके शुरू (ON) होने पर सीधे डेस्कटॉप पर पहुँच सकते हैं।
  • यदि आप किसी सार्वजनिक (Public) कंप्यूटर का उपयोग कर रहे हैं - उदाहरण के लिए, एक पुस्तकालय या साइबर कैफे में तो आपको लॉगिन (Login) करने के तरीके के बारे में निर्देश दिए जाएंगे।
  • यदि आप अपने कंप्यूटर को अन्य लोगों के साथ साझा (Share) कर रहे हैं तो प्रत्येक उपयोगकर्ता (User) का एक अलग लॉग इन खाता (Login Account) बनाया जाएगा।

जब आप अपने नाम के ऊपर स्थित आइकन (Icon) पर क्लिक करेंगे, तो आपको एक पासवर्ड (Password) के लिए कहा जाएगा। आरंभ (Start) करने से पहले मुख्य उपयोगकर्ता (User) या व्यवस्थापक (Administrator) को आपके लिए इसे सेट करना चाहिए। अपने पासवर्ड को टाइप करें और तीर (Arrow) पर क्लिक करें।

2.2 कंप्यूटर सिस्टम के प्रमुख घटक (Major Components of a Computer System)

2.2.1 कंप्यूटर सिस्टम - परिभाषा (Computer System-Definition)

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (Electronic Device) है। कंप्यूटर ऐसे उपकरणों (Devices) से बने होते हैं, जो डेटा इनपुट (Input) करते हैं, प्रोसेस (Process) करते हैं एवं संग्रहीत (Store) करते हैं और इच्छित स्वरूप (Desired Format) में परिणाम देते हैं। डेटा का मतलब रॉ फैक्ट्स एंड फिगर्स (Raw Facts & Figures) है। डेटा एक इनपुट डिवाइस (Input Device) के माध्यम से, जैसे की कीबोर्ड (Keyboard), से कंप्यूटर में इनपुट किया जाता है और कंप्यूटर की मेमोरी (Memory) में संग्रहीत (Stored) किया जाता है। इसके बाद यह दिए गए निर्देशों के सेट के अनुसार कार्य (Process) करता है। कंप्यूटर परिणाम को आउटपुट डिवाइस के माध्यम से, जैसे की मोनिटर (Monitor) प्रदर्शित करता है। कंप्यूटर डेटा संसाधित (Process) करता है और सूचना का उत्पादन (Information Production) करता है। कंप्यूटर केवल विद्युत संकेतों (Electrical Signal) जैसे की ON और OFF, को ही समझ सकते हैं जहाँ ON का मतलब सर्किट ON है एवं OFF का मतलब सर्किट OFF है (Binary Signals)।

कंप्यूटर एक सूचना प्रणाली (Information System) का हिस्सा है। सूचना प्रणाली के पांच भाग हैं- डेटा (data), हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, प्रोसीजर (Procedure) एवं लोग (People):


  • लोग (People): पीपल या लोग सूचना प्रणाली के पांच भागों में से एक है। कंप्यूटर के द्वारा लोगों को अधिक उत्पादक और प्रभावी (More Productive and Effective) बनाया जा सकता है।
  • प्रोसीजर (Procedure): यह वे नियम या दिशा निर्देश हैं जो कि लोग सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर एवं डाटा का उपयोग करते समय अपनाते हैं। इन प्रक्रियाओं को आमतौर पर कंप्यूटर विशेषज्ञों (Experts) द्वारा लिखा जाता है।
  • सॉफ्टवेयर (Software): एक प्रोग्राम (program) दिशा निर्देशों का सेट होता है और कंप्यूटर को निर्देशित करता है की स्टेप बाय स्टेप कैसे कार्य करना है। प्रोग्राम या सेट ऑफ़ प्रोग्राम्स (set of programs) का दूसरा नाम सॉफ्टवेयर है।

  • हार्डवेयर (Hardware): हार्डवेयर सॉफ्टवेयर द्वारा नियंत्रित किया जाता है। वह उपकरण जो डेटा को प्रोसेस कर सुचना में बदल देता है। इनमें कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, प्रणाली इकाई, और अन्य उपकरण शामिल हैं।
  • डेटा (Data): कच्चे (Raw), असंसाधित तथ्यों (Unprocessed Facts), जैसे कि पाठ (Text), संख्या (Numbers), इमेज (Image) और ध्वनियों (Sound) को डेटा कहा जाता है। प्रसंस्कृत (Processed) डेटा से जानकारी अर्जित करते हैं।

2.2.2 कंप्यूटर सिस्टम के प्रमुख घटक

2.2.2.1 हार्डवेयर घटक (Hardware Components)

यह एक सामान्य शब्द है जो कंप्यूटर सिस्टम के किसी भी घटक (component), जिसकी भौतिक उपस्थिति (physical presence) हो और जिसे देखा और छुआ जा सकता है, का वर्णन (describe) करने के लिए किया जाता है।

हार्डवेयर घटकों को अक्सर इनपुट, आउटपुट, स्टोरेज या प्रसंस्करण घटकों (processing components) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। जो डिवाइस CPU के एक अभिन्न अंग नहीं हैं, उन्हें बाह्य उपकरणों (External Devices, peripherals) के रूप में जाना जाता है। पेरिफेरल्स आमतौर पर इनपुट, स्टोरेज या आउटपुट (जैसे हार्ड डिस्क, कीबोर्ड या प्रिंटर) के लिए उपयोग किया जाता है। सीपीयू (CPU) के रूप में एक उपकरण को एक ही भौतिक बॉक्स (Physical Box) के बाहर होना जरूरी नहीं है। इस का सबसे अच्छा उदाहरण हार्ड डिस्क (Hard Disc) है, जो पेरिफेरल है, हालांकि यह आमतौर पर मुख्य केस (Main Case) के अंदर रखी जाती है।

आम तौर पर एक कंप्यूटर में, प्रोसेसर (Processor), मेन एंड सेकंडरी मेमोरी (Main & Secondary Memory), पावर सप्लाई (Power Supply) और सहायक हार्डवेयर (Supporting Hardware) को एक धातु के केस (Metal Case) में रखा जाता है। इनमें से अधिकांश घटक कंप्यूटर के मुख्य सर्किट बोर्ड (Circuit Board) से जुड़े होते हैं, जिन्हें मदरबोर्ड (Motherboard) कहा जाता है। बिजली की आपूर्ति ज्यादातर घटकों के लिए बिजली आपूर्ति घटक करती है। सभी बाह्य उपकरण (peripherals) जैसे कि कीबोर्ड, मॉनिटर आदि केस के पीछे कनेक्टर्स (Connectors) के माध्यम से जुड़े होते हैं।

कंप्यूटर सिस्टम के प्रमुख हार्डवेयर घटक हैं:

  • प्रोसेसर (Processor)
  • इनपुट डिवाइस (Input Device)
  • आउटपुट डिवाइस (Output Device)
  • मेन मेमोरी (Main Memory)
  • सेकेंडरी मेमोरी (Secondary Memory)

प्रोसेसर एक इलेक्ट्रानिक डिवाइस है जो सिलिकॉन वर्ग (Silicon Squares) का बना होता है एवं एक सिलिकॉन वर्ग लाखों छोटे विद्युत भागों से बना होता है। एक प्रोसेसर में अरबों (Billions) ट्रांजिस्टर (Transistors) हो सकते हैं। यह सिस्टम के भीतर मौलिक कंप्यूटिंग करता है, और सीधे या परोक्ष (Indirect) रूप से अन्य सभी घटकों को नियंत्रित करता है। प्रोसेसर को कभी-कभी केन्द्रीय प्रोसेसिंग यूनिट या सीपीयू (Central Processing Unit or CPU) भी कहा जाता है। एक कंप्यूटर में एक विशेष प्रकार का प्रोसेसर होता है, जैसे कि पेंटियम (Pentium), इंटेल कोर (Intel Core - i3/i5/i7), जीऑन (Xeon) या स्पार्क प्रोसेसर (SPARC Processor)।

2.2.2.2 सॉफ्टवेयर घटक (Software Components)

कंप्यूटर सिस्टम के सॉफ़्टवेयर घटक की कोई भौतिक उपस्थिति (Physical Presence) नहीं होती है; वे डिजिटल मेमोरी में डिजिटल रूप में संग्रहीत (Stored) होते हैं, ये डेटा और कंप्यूटर प्रोग्राम हैं। कंप्यूटर प्रोग्राम प्रोसेसर के लिए निर्देश (Instructions) हैं, जबकि डाटा एक प्रोग्राम की जरूरत है। डेटा कई तरह के हो सकते हैं जैसे अल्फाबेटिक डेटा (Character Data), संख्यात्मक डेटा (Numeric Data), Images, Audio डेटा आदि।

2.3 इनपुट डिवाईसेज़ (Input Devices)

2.3.1 कीबोर्ड (Keyboard)

कंप्यूटर कीबोर्ड सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले इनपुट डिवाइस में से एक है जिसके द्वारा संख्या (numbers), अक्षर (alphabets) और विशेष करक्टेर (special characters) को कंप्यूटर में इनपुट किया जाता है। Keyboard का उपयोग कंप्यूटर को कोई विशेष कार्य आदेशित करने के लिये भी किया जा सकता है। एक कीबोर्ड में alphabetic एवं numeric keys होती हैं जिसका उपयोग टेक्स्ट एवं न्यूमेरिक डाटा को इनपुट करने के लिये किया जाता है। कीबोर्ड पर कई तरह की एडिटिंग कीज़ (editing keys) एवं फंक्शन कीज़ (function keys) होती हैं जो सीधे फंक्शन को शुरू करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।

Caps Lock / Num Lock / Scroll Lock key को टॉगल key कहा जाता है जो किसी विशेष फीचर को ON / OFF करने के लिये इस्तेमाल होती है। Ctrl / Alt key को कॉम्बिनेशन कुंजी (Combination Keys) भी कहा जाता है क्योंकि यह दूसरी keys के साथ कॉम्बिनेशन में प्रयोग में ली जाती है। अधिकांश कीबोर्ड नंबर्स इनपुट करने के लिए अलग संख्यात्मक पैड (numeric keypad) के साथ आते हैं।

2.3.2 पॉइंटिंग डिवाइस (Pointing Device)

ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUIs) में स्क्रीन पर कर्सर (Cursor) की स्थिति बताने के लिए पोइंटिंग डिवाइस की आवश्यकता होती है। जैसे: माउस, ट्रैकबॉल, टच पैड, ट्रैक बिंदु, ग्राफ़िक्स टैबलेट, जोयस्टिक एवं टच स्क्रीन। अधिकतर पॉइंटिंग डिवाइसेज़ कंप्यूटर से एक यूएसबी (USB) पोर्ट के माध्यम से जुड़े होते हैं।

2.3.2.1 माउस (Mouse)

माउस सबसे लोकप्रिय पॉइंटिंग डिवाइस है। आजकल ऑप्टिकल माउस (Optical Mouse) का प्रचलन है जिसमें रोलिंग बॉल का उपयोग नहीं किया जाता है बल्कि इसके स्थान पर एक प्रकाश (Light) और छोटे सेंसर (Small Sensors) का उपयोग किया जाता है। तार रहित या वायरलेस माउस (Wireless Mouse) रेडियो तरंगों (Radio Waves) के माध्यम से कंप्यूटर के साथ संचार बनाए रखता है। माउस में स्क्रॉल व्हील्स (Scroll Wheels) भी हो सकते हैं। पारंपरिक पीसी माउस में दो बटन होते हैं जबकि मैकिनटोश माउस में एक ही बटन होता है।

2.3.2.2 टच-पैड (Touch Pad)

आजकल अधिकांश लैपटॉप कंप्यूटर्स में एक टच-पैड पॉइंटिंग डिवाइस होती है। यूजर टच-पैड की सतह पर उंगली को फिराकर या फिसला कर स्क्रीन पर कर्सर को मूव करते हैं। लेफ्ट एवं राईट क्लिक बटन पैड के नीचे स्थित होते हैं।

2.3.2.3 ट्रेक पॉइंट (TrackPoint)

आईबीएम थिंक पैड (IBM Think Pad) में प्रायः एक ट्रैक पॉइंट होता है जो कि एक छोटी रबर प्रोजेक्शन (Rubber Projection) कीबोर्ड की keys के बीच एम्बेडेड होता है। ट्रेक पॉइंट एक छोटे जोयस्टिक की तरह कार्य करता है।

2.3.2.4 ट्रैकबॉल (TrackBall)

ट्रैकबॉल भी एक माउस की तरह ही होता है, जिसमें बॉल शीर्ष (Top) पर स्थित होती है। हम ट्रैकबॉल को रोल करने के लिए उंगलियों का उपयोग करते हैं। ट्रैकबॉल डेस्क पर स्थिर बनी रहती है।

2.3.2.5 जॉयस्टिक्स (Joystick)

जॉयस्टिक्स और दूसरे गेम नियंत्रक आमतौर पर कंप्यूटर आधारित गेम्स खेलने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

2.3.3 ग्राफिक्स टैबलेट (Graphics Tablet)

ग्राफ़िक्स टैबलेट में इलेक्ट्रॉनिक लेखन क्षेत्र होता है जिसमें स्पेशल पेन (Special Pen) को यूज़ किया जाता है। ग्राफिक्स टेबलेट का पेन दबाव के प्रति संवेदनशील (Pressure Sensitive) होता है।

2.3.4 स्कैनर (Scanner)

एक स्कैनर मुद्रित पृष्ठ (Printed Page) या ग्राफ़िक का डिजिटलीकरण (Digitalisation) करता है, उसको छोटे छोटे पिक्सल्स (Pixels) वाली इमेज में परिवर्तित करके कंप्यूटर को संचारित करता है। यह लेजर तकनीक का उपयोग करता है।


स्कैनर किसी भी तरह की इनफार्मेशन को स्कैन कर सकता है। एक बार स्कैन होने के बाद स्कैन्ड इनफार्मेशन को कंप्यूटर में स्टोर किया जा सकता है या फिर प्रिंटर के द्वारा प्रिंट किया जा सकता है।

2.3.5 मिडी डिवाइस (Midi Devices)

मिडी (MIDI - Musical Instrument Digital Interface) एक प्रणाली है जो इलेक्ट्रॉनिक संगीत वाद्य यंत्र के बीच सूचना प्रसारित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

2.3.6 मैग्नेटिक इंक करैक्टर रेकोग्निशन (MICR)

यह मुख्य रूप से बैंकिंग उद्योग द्वारा चेक (Cheque) और अन्य दस्तावेजों की क्लीयरिंग (Clearing) में काम आता है। यह एमआईसीआर कोड करैक्टर को डिजिटल डाटा में बदल देता है।

2.3.7 ऑप्टिकल मार्क रिडर (OMR)

यह एक विशेष स्कैनर है जो पेंसिल या पेन द्वारा किए गए निशान के एक पूर्व निर्धारित प्रकार की पहचान करने के लिए उपयोग होता है, जैसे परीक्षाओं में ओएमआर उत्तर पुस्तिका (OMR Answer Sheets)।

2.3.8 ऑप्टिकल करैक्टर रेकोग्निशन (OCR)

यह मशीन एनकोडेड फॉर्म में इमेजेज, प्रिंटेड या हस्तलिखित टेक्स्ट का इलेक्ट्रॉनिक रूपांतरण करता है। इसका उपयोग डेटा को डिजिटल फॉर्म में बदलने और उसे एडिट या सर्च करने योग्य बनाने के लिए किया जाता है।

2.3.9 बार कोड रीडर (Bar Code Reader)

बार कोड एक वस्तु को मशीन द्वारा विशिष्ट रूप से पहचानने का एक तरीका है। ये विशेष रूप से शॉपिंग मॉल एवं डिपार्टमेंटल स्टोर में क्विक बिलिंग (Quick Billing) और सूची प्रबंधन (Inventory Management) के लिए उपयोग किया जाता है।

2.3.10 स्पीच रिकग्निशन डिवाइस (Speech Recognition Device)

माइक्रोफोन (Microphone) एक इनपुट डिवाइस है जिसका इस्तेमाल ऑडियो डेटा को कंप्यूटर में इनपुट करने के लिए किया जाता है।

2.3.11 वेबकैम (Webcam)

यह कंप्यूटर से जुड़ा डिजिटल कैमरा है जो नेटवर्क में इमेजेज / वीडियो को कैप्चर करके कंप्यूटर में फीड करने में काम आता है।

2.4 आउटपुट डिवाइस (Output Device)

2.4.1 मॉनिटर (Monitor)

आउटपुट की सॉफ्ट कॉपी (Soft Copy) को डिस्प्ले करने के लिए सबसे लोकप्रिय डिवाइस एक मॉनिटर है।

2.4.1.1 CRT मोनिटर (CRT Monitor)

यह एक परम्परागत आउटपुट डिवाईस रहा है जो टीवी के समान होता है। यह कैथोड रे ट्यूब (Cathode Ray Tube) का उपयोग करता है। मॉनिटर का रिज़ॉल्यूशन पिक्सल्स (Pixels) में मापा जाता है। स्क्रीन पर डॉट्स के बीच की रिक्त जगह को डॉट पिच (Dot Pitch) कहा जाता है। जितनी कम डॉट पिच होगी, क्वालिटी उतनी बेहतर होगी।

2.4.1.2 फ्लेट पैनल मोनिटर (Flat Panel Monitor)

यह आम तौर पर कंप्यूटर से आउटपुट प्रदर्शित करने के लिए एक एलसीडी/LCD (लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले) या एलईडी (LED) प्लाज्मा डिस्प्ले तकनीक का उपयोग करता है। आजकल नवीनतम एलसीडी में थीन फिल्म ट्रांजिस्टर (TFT) उपयोग में लिया जाता है। LED मॉनीटर्स में LED backlight लगा हुआ होता है।

2.4.2 प्रिंटर (Printer)

प्रिंटर इनफार्मेशन को स्थायी पठनीय प्रारूप में प्रदान करता है जिसे हम हार्ड कॉपी (Hard Copy) कहते हैं। प्रिंटर आउटपुट की गुणवत्ता डीपीआई (Dots Per Inch) में मापी जाती है। इसे दो श्रेणियों में बांटा गया है:

2.4.2.1 इम्पैक्ट प्रिंटर (Impact Printer)
  • 2.4.2.1.1 करैक्टर प्रिंटर: एक समय में एक करैक्टर प्रिंट करते हैं। उदाहरण: डॉट मैट्रिक्स (Dot Matrix) और डेजी व्हील (Daisy Wheel) प्रिंटर।
  • 2.4.2.1.2 लाइन प्रिंटर: एक समय में एक पूरी लाइन प्रिंट करता है। उदाहरण: चैन प्रिंटर (Chain Printer) और ड्रम प्रिंटर (Drum Printer)। इसकी गति 200 से 2000 लाइन प्रति मिनट हो सकती है।
2.4.2.2 नॉन इम्पैक्ट प्रिंटर (Non Impact Printer)

ये बिना आवाज़ या कम आवाज़ के साथ तेज़ी से काम करते हैं।

  • 2.4.2.2.1 इंक-जेट प्रिंटर (Inkjet Printer): ये प्रिंटर स्याही (Ink) की छोटी बूंदों के छिड़काव (Spray) के द्वारा इमेज बनाते हैं। ये घर में उपयोग के लिए आम हैं।

  • 2.4.2.2.2 लेजर प्रिंटर (Laser Printer): यह कार्यालयों के लिए अच्छी क्वालिटी देता है। यह फोटोसेंसेटिव ड्रम और टोनर (Toner) का उपयोग करता है। इसकी गति को पेजेज प्रति मिनट (ppm) में मापा जाता है।
  • 2.4.2.2.3 थर्मल प्रिंटर (Thermal Printer): यह स्पेशल हीट संवेदनशील कागज (Heat Sensitive Paper) पर प्रिंट करने के लिए गर्म तत्वों का उपयोग करता है, जैसे एटीएम (ATM) रसीद।

2.4.3 प्लॉटर (Plotter)

प्लॉटर का उपयोग इंजीनियरिंग की उच्च गुणवत्ता वाली कलाकृतियों (Vector graphics), बिल्डिंग प्लान, सर्किट डायग्राम आदि को प्रिंट करने के लिए किया जाता है।

2.4.4 स्पीकर (Speaker)

यह ऑडियो आउटपुट प्रदान करता है और कम्पन (vibrate) के द्वारा ध्वनि का निर्माण करता है।

2.4.5 मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर (Multimedia Projector)

बड़ी संख्या में लोगों को कंप्यूटर आउटपुट या प्रेजेंटेशन दिखाने के लिए मीटिंग्स और कांफ्रेंस में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

2.5 इनपुट/आउटपुट डिवाइस (Input/Output Device)

कुछ पेरीफेरल डिवाइस इनपुट और आउटपुट दोनों का कार्य कर सकती हैं:

  • 2.5.1 फैक्स मशीन (Fax Machine): डॉक्यूमेंट को बिट मैप (Bit Map) में बदलकर भेजती है और प्राप्त डेटा को प्रिंट करती है।
  • 2.5.2 मल्टीफंक्शन उपकरण (MFD Devices): एक ही डिवाइस में प्रिंटर, स्कैनर और कापियर का कॉम्बिनेशन होता है।
  • 2.5.3 मोडेम (Modem): एनालॉग संकेतों को डिजिटल में और डिजिटल को एनालॉग संकेतों में परिवर्तित करता है।

टच स्क्रीन डिस्प्ले और डिजिटल कैमरा भी इसके अन्य उदाहरण हैं।

2.6 कंप्यूटर मेमोरी (Computer Memory)

कम्प्यूटर मेमोरी डाटा एवं इनफार्मेशन को स्टोर करने का एक भंडारण स्थान (Storage Space) है। मेमोरी तीन प्रकार की होती है:

2.6.1 कैश मेमोरी (Cache Memory)

कैश मेमोरी बहुत ही उच्च गति अर्द्ध कंडक्टर (high speed semi conductor) मेमोरी होती है जो सीपीयू और मुख्य मेमोरी की गति बढ़ा देती है। यहाँ उस भाग को रखा जाता है जो सीपीयू द्वारा बार-बार इस्तेमाल किया जाता है।

लाभ और सीमाएं: यह मुख्य मेमोरी से तेज होती है, लेकिन इसकी क्षमता सीमित और यह बहुत महंगी (Expensive) होती है।

2.6.2 प्राइमरी मेमोरी (Main Memory)

यह केवल उन डेटा और निर्देश को स्टोर करती है जिस पर वर्तमान में कंप्यूटर काम कर रहा है। बिजली बंद (power off) होने पर यह डेटा खो देती है (Volatile)। रैम (RAM) और रोम (ROM) इसके उदाहरण हैं।

2.6.2.1 रैंडम एक्सेस मेमोरी (RAM)

यह कंप्यूटर के पढ़ने और लिखने की मेमोरी (R/W) है। इसके दो मुख्य प्रकार हैं:

  • डायनामिक रैम (DRAM): यह समय-समय पर रिफ्रेश होती रहती है और मुख्य मेमोरी के लिए उपयोग होती है।
  • स्टेटिक रैम (SRAM): यह DRAM से तेज और महंगी होती है। यह सीपीयू कैश के लिए उपयोग होती है।

अन्य प्रकार: EDO RAM, SDRAM, DDR-SDRAM।

2.6.2.2 रीड ओनली मेमोरी (ROM)

यह नॉन-वॉलेटाईल (non-volatile) स्थायी मेमोरी होती है। इसमें स्टोर्ड इनफार्मेशन को बदला नहीं जा सकता।

ROM के प्रकार:

  • PROM: इसके कंटेंट यूजर द्वारा निश्चित किए जाते हैं।
  • EPROM: इसके कंटेंट को यूवी किरणों (ultraviolet rays) के द्वारा मिटाया जा सकता है।
  • फ्लैश मेमोरी: यह विद्युतीय प्रभाव द्वारा मिटाने योग्य स्थायी मेमोरी है। उपयोग: डिजिटल कैमरा, MP3 प्लेयर।

2.6.3 सेकेंडरी मैमोरी (Secondary Memory)

इसे एक्सटर्नल या नॉन-वोलेटाइल मेमोरी भी कहा कहते हैं। यह मुख्य मेमोरी से धीमी होती है लेकिन डेटा स्थायी रूप से स्टोर रहता है।


2.6.3.1 हार्ड डिस्क ड्राईव (HDD)

यह एक चुंबकीय सामग्री से लेपित तेजी से घुमती हुई डिस्क होती है। डेटा रैंडम एक्सेस ढंग से प्राप्त किया जा सकता है। क्षमता टेराबाइट (TB) और गीगाबाइट (GB) में मापी जाती है।

2.6.3.2 ऑप्टिकल डिस्क (Optical Disk)

ये वृत्ताकार थाली के आकार की होती हैं। सबसे लोकप्रिय ऑप्टिकल डिस्क हैं:

  • 2.6.3.3 WORM डिस्क / CD-R: Write Once Read Many. इसमें केवल एक बार डेटा लिखा जा सकता है।
  • 2.6.3.4 CD-RW: इसमें सूचनाएं कई बार मिटाई और लिखी जा सकती हैं।
  • 2.6.3.5 डीवीडी (DVD): इसकी भंडारण क्षमता 4.7 GB से 8.5 GB होती है।
  • 2.6.3.6 ब्लू-रे डिस्क (Blu-Ray Disc): इसकी भंडारण क्षमता 50 GB से 500 GB होती है और यह उच्च घनत्व डेटा स्टोर करती है।
उपयोगी जानकारी

हार्ड ड्राइव स्पेस पता लगाने के लिए: Windows कुंजी + E दबाएं। ड्राइव पर राइट-क्लिक करके Properties पर क्लिक करें।

2.6.3.7 पेन ड्राइव (Pen Drive)

यह एक छोटा पोर्टेबल डिवाइस है जो यूएसबी पोर्ट (USB Port) के माध्यम से जुड़ता है।

2.6.3.8 स्मार्ट मीडिया कार्ड

यह डिजिटल कैमरों में इस्तेमाल होने वाला पोर्टेबल क्रेडिट कार्ड की तरह होता है।

2.6.3.9 सिक्योर डिजिटल कार्ड (SD Card)

इसके दो संस्करण हैं: MiniSD (स्मार्ट फोन के लिए) और MicroSD (MiniSD से छोटा)।

2.7 विंडोज़ 10 में सिस्टम कॉन्फ़िगरेशन की जांच करना

2.7.1 सेटिंग का उपयोग करना (Using Setting)

Settings -> System -> About पर क्लिक करके आप प्रोसेसर, रैम और विंडोज का सटीक संस्करण देख सकते हैं।

2.7.2 सिस्टम सूचना का उपयोग करना (Using System Information)

Start Menu में msinfo32 या "System Information" खोजें।


इस जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए आप File -> Export पर क्लिक करके एक टेक्स्ट रिपोर्ट फ़ाइल बना सकते हैं।

2.7.3 कमांड प्रॉम्प्ट का उपयोग करना (Using Command Prompt)

Command Prompt को Administrator के रूप में खोलें और SystemInfo टाइप करके Enter दबाएं।

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